'महामारी'(corona) ,samajik sandesh
कोरोना का कहर देखिए , लोग डरे हुए है.हर जगह ,भजन ,कीर्तन और ॐ की ध्वनि सुनाई दे रही हैँ . काश इस वातावरण ,इस प्राचीन भारतीय आध्यात्मिक संस्कृति को हम भूले ना होते .आज भी य़ग्य,हवन करते रहे होते .मंत्रों ,ईश भक्ति ,और पवित्र आचरण की महत्ता को विस्मृत ना किया होता तो हमारे चारों तरफ एक आध्य़ात्मिक सुरक्षा चक्र होता ,जिसे भेदने की ताकत किसी वायरस में नहीं होती .कम से कम नियन्त्रण से बाहर तो स्थिति नहीं पहुँचती . मगर बिना प्रकृति के प्रकोप के किसी को कोई बात भी तो नहीं समझ आती ना .तभी तो अंत में परेशान होकर शिव को अपना तीसरा नेत्र खोलना ही पड़ता है .भय दिखाना ही पड़ता है अन्यथा पहले तो ये सब बातें बकवास , अवैज्ञानिक और हास्यास्पद...