संदेश

अगस्त, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आध्यात्मिकता विज्ञान के लिए चुनौती

चित्र
आध्यात्मिकता और विज्ञान परस्पर विरोधी हैं अगर आध्यात्मिकता को सही से ना समझा जाए।  दोनों दृष्टिकोण एक साथ में लेकर चलना अच्छा है मगर बड़ा मुश्किल भी।काफी कुछ विरोधाभाषी है परस्पर,   क्योंकि आध्यात्मिकता जिन चीज़ों को स्वीकार करती है विज्ञान अक्सर उन्ही चीज़ों को अस्वीकार करता  है. हम चाहे कितना ही वैज्ञानिक दृष्टिकोण रख लें मगर ईश्वर और अध्यात्म के स्वीकरण के बिना सब बेमानी है। विज्ञान ने चाहे कितनी ही तरक्की की हो,कितना ही सशक्त बन गया हो लेकिन सृष्टि के रचयिता की गढ़ी चीज़ों की  गणित कभी-कभी वह भी समझ नहीं पाता है।  विज्ञानं और वैज्ञानिक स्वं जिससे उत्पन्न हुए हों उससे  बराबरी आख़िर कैसे हो सकती है । ऐसी बहुत सी चीज़ें हैं जो ये सिद्ध करती हैं कि उस सृजनकर्ता के सामने हमारी सामर्थ्य कुछ नहीं है। कई ऐसी चमत्कारिक घटनाएँ हैं जो विज्ञान से कहीं ज़्यादा ईश्वर पर ,आध्यात्मिकता पर विश्वास करने को विवश करती हैं।   कुछ उदहारण यहाँ देखिये -1भगवान जगन्नाथ जी के मंदिर में लगा ध्वज हवा से विपरीत दिशा में ही क्यों उड़ता है।  2. जयपुर के गोपेश्वर नाथ जी मंद...