पक्षी सुरक्षा हित में ,एक सोच
"जान तो जान ही है ना आखिर' ??.. सांभर झील में पक्षियों की मौत के प्रति सभी की चिन्ता वाजिब है.होनी भी चाहिए .पक्षियों की इस तरह अकाल ,दर्दनाक मृत्यु बड़ी ही दुखद घटना है. काश यही पीड़ा हमें उन मुर्गों, बकरों ,..... आदि के लिए भी होती जिनको अपनी जीभ के स्वाद हेतु ना जाने कितनी बेरहमी से एक झटके में खत्म कर दिया जाता है .जिनकी तड़प किसी को महसूस नहीं होती है ,जिनको बचाने के लिए कोई आवाज नहीं उठती है . मुझे तो हर पशु-पक्षी की अकाल, अप्राकृतिक मृत्त्यु दुखी करती है.आखिर कैसे हम किसी एक पक्षी या पशु पर तो दया , और अन्य पर क्रूरता दिखा सकते हैं .??जीव तो सभी में एकसा होता है .दर्द भी सभी को समान ...क्या कुछ पक्षियों व जानवरों को अपने स्वाद हेतु बेरहमी से मा...