'तुम्हे मुबारक'(Hindi poem)
मै शांत हूँ,उद्विग्नता तुम्हें मुबारक़ मै पवित्र हूँ,अशुद्धता तुम्हें मुबारक़ मैं उन्मुक्त हूँ,बंधन तुम्हें मुबारक़ मैं मौन हूँ,शोर तुम्हें मुबारक़ मै प्रीत हूँ,बैर तुम्हें मुबारक़ मै मृदु हूँ,कटुता तुम्हें मुबारक़ मैं क्षमा हूँ प्रतिशोध तुम्हें मुबारक़ ||