सफलता के सही मायने
'सफलता ' (success)शब्द के मायने हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकते हैं। कोई व्यक्ति दौलत-शोहरत पा लेने को सफलता मान लेता है,कोई आध्यात्मिक उन्नति को सफलता मानता है। भौतिक जगत के लोगों की दृष्टि में दौलत-शोहरत पा लेने वाला व्यक्ति श्रेष्ठ हो सकता है परन्तु वास्तविकता में आध्यात्मिक दृष्टि से मज़बूत इंसान ही वास्तविक दृष्टि में सफल है। इसका कारण है कि दौलत-शोहरत,आदि हर वक़्त बनी रहे ये ज़रूरी नहीं है ,सम्पन्नता और अनुकूल परस्थिति सदैव बनी रहें ये बिलकुल ज़रूरी नहीं है अतः विपरीत परस्थिति आने पर इंसान का बिख़र जाना निश्चित है। अतः आध्यात्मिक रूप से दृढ व्यक्ति विपरीत परस्थिति में भी खुद को संभाले रख सकता है।कारण बस इतना है कि आध्यात्मिकता अस्थायी नहीं बल्कि स्थायी ख़ुशी और मज़बूती देती है। अब विडम्बना ये है कि अधिकतर लोग आध्यात्मिकता के मायने ही ग़लत लगाते हैं दरअसल उन्हें स्पष्ट ही नहीं है कि आध्यात्मिक होना क्या है। अधिकतर लोगों की नज़रों में आध्यात्मिक होने का मतलब है कि वह व्यक्ति जो संसार छोड़कर वैरागी बन जाये ,हर वक्त मंदिर में ब...