पत्रकारिता 'लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ
'पत्रकारिता 'लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है जो कार्यपलिका ,व्यवस्थापिका और न्यायपालिका के बाद लोकतंत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखती है .लोकतंत्र को सुदृढ और सशक्त बनाये रखने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है . लेकिन इसके लिए पत्रकारिता का निष्पक्ष ,निडर व मजबूत होना बहुत ज़रूरी है तभी ये अपना दायित्व निष्ठा के साथ निभा पायेगी. आज के परिप्रेक्ष्य में यदि देखें तो एक स्वतंत्र ,निष्पक्ष व साहसी पत्रकारिता का अस्तित्व खतरे में है .पत्रकारों की जगह -जगह हो रही नृशंस हत्या ,उन पर हो रहे आक्रमण व अपमान जनक व्यवहार से केवल पत्रकारिता ही नही संपूर्ण लोकतंत्र व समग्र देश ही खतरे में है . जब भी निष्पक्ष व साहसी पत्रकार...