संदेश

लॉक डाउन (poem)

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थम गई है ज़िंदगी ईश्वर के एक आदेश पे रोक लो अब अधर्म भी ,न चलो ग़लत राह पे राज इस क़दर जो ,अधर्म का था बढ़ गया क्रूर दृष्टि पड़ गई ,ग्रहों की इस भूमि पे। अब न नए ख़्वाब हैं, मन की अंधेरी राह में हर शख्स की आस अब बस ज़िंदगी बचाने मे.| विस्मृत कर अपनी सम्मृद्ध संस्कृति, क्या मिला पाश्चात्य अपनाने में त्याग कर स्वदेशी वस्तु ,जड़ी -बूटियाँ पालते रहे तमाम मर्ज़ और खड़े रहे दवाखाने में है अब भी समय ,सँभल जाओ तुम न हो देर योग,आध्यात्म ,धर्म अपनाने में ना हो धरा का अंत अब, विचार लो ,विश्राम लो दो अनूठा योगदान तुम सृष्टि को  बचाने में | मचे प्रलय इस क़दर ना ,तुम सत्य को ग्रहण करो हो यज्ञ सा पवित्र मन ,सुवास से घिरा रहे हर  निर्भीक हो पर प्रभु से डरा करे।

'महामारी'(corona) ,samajik sandesh

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कोरोना का कहर देखिए , लोग डरे हुए है.हर जगह ,भजन ,कीर्तन और ॐ की ध्वनि सुनाई दे रही हैँ .  काश  इस  वातावरण ,इस  प्राचीन भारतीय आध्यात्मिक  संस्कृति  को  हम  भूले  ना  होते .आज भी य़ग्य,हवन करते  रहे  होते .मंत्रों ,ईश  भक्ति ,और  पवित्र  आचरण  की  महत्ता  को  विस्मृत  ना  किया  होता तो हमारे  चारों  तरफ एक आध्य़ात्मिक  सुरक्षा  चक्र होता ,जिसे भेदने की ताकत किसी वायरस में नहीं होती .कम से कम नियन्त्रण से बाहर  तो  स्थिति नहीं पहुँचती . मगर  बिना  प्रकृति  के प्रकोप के किसी  को  कोई  बात भी  तो  नहीं  समझ  आती ना .तभी  तो  अंत  में  परेशान  होकर  शिव  को  अपना  तीसरा  नेत्र  खोलना  ही  पड़ता  है .भय  दिखाना  ही पड़ता  है अन्यथा पहले  तो  ये  सब  बातें  बकवास , अवैज्ञानिक और  हास्यास्पद...

'मेरे सुझाव '(vichar)

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होली मिलन समारोह,मंदिर निर्माण,जागरण , जन्म दिन ,विवाह वर्ष गांठ ,ऐसे ही किसी अन्य आयोजन आदि मेँ  खर्च हेतु बचाई गई राशि  को आप इस आपात काल मेँ गरीब  व  ज़रूरत मंदों की  सहायता हेतु दान  कर सकते  हैँ.मुख्य मंत्री सहायता  कोष  मेँ दें. आस-पास के क्षेत्र को सैनेटाइज़ करवाने में काम लें.स्प्रे करवाएं... .... सभी का जीवन ,सभी की  सुरक्षा तभी हैँ  हम -तुम, ये जहान ...😷🙏