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'नन्ही सी गुड़िया अब बड़ी हो गई'(poem)

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तस्वीर  -साभार  गूगल  लड़खड़ाती वो जाने कब खड़ी हो गई वो नन्ही सी गुड़िया अब बड़ी हो गई आई जिस पल वो मेरी दुनिया मे खुशी बन के मुबारक वो सबसे घड़ी हो गई. संवार कर मंकां  को उसने घर कर दिया  वो  हुनारवाजों  में  सबसे  बड़ी  हो  गई. मचल  जाती  थी जो छोटी -छोटी  बातों पर  समझदारी की  पक्की  कड़ी  हो  गई  रहता था हर वक्त नाक पे जिसकी गुस्सा  ख़ुशमिज़ाज, अब वही नकचढ़ी हो  गई . समझा बोझ  जिसको पक्षपाती नज़र ने मुद्रिका  वो  नगीना ज़डी हो  गई . चेहरे  की  मुस्कान  बन  गई  वो सभी  की , वो  दिपावली की  फुलझड़ी  हो  गई . -अंशु चौहान 

'शराब "(poem)

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 दो घूंट ज़िन्दगी  की अब शराब  हो  गई  है  नियत आदमी की कितनी खराब  हो गई  है  हैँ हज़ार दलीलें ,बहाने ,बेबसी का  दम  भी  ज़मीर से इच्छाएँ बलवान हो गई हैँ  सुना था रोक लेती हैअपनो की परवाह पीने  से  हकीकत मेँ मगर ये ही,शराबियों का भगवान  हो गई  है  ना प्रेम का असर, ना कोई सीख काम करती  ये जूनून ,महाबली ,गुरु महान  हो  गई  है टूटते  परिवारों का  करूण  रुदन सी ये शौक ,मस्ती ,शक्ति ,शक्तिवान  हो  गई  है  किसी स्त्री की घुटन ,सिसकियाँ,बेचारगी  पुरूष  का ये उस पर अभिशाप हो  गई  है . स्वर्ग का हवाला ,देवताओं की मधुशाला  अधूरे ,असंयमित मनों का, अर्थ हीन गुणगान हो  गई  है . इंसानियत  की  दुश्मन , देह  को  घातक  अर्थव्यवस्था का  खोखला आधार हो गई  है . -Anshu Chauhan

'तेरी मोहब्बत की दुआ मैँ करूँगी'(song)

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तेरी मोहब्बत की  दुआ  मैँ  करूँगी  हरेक पल में  इसको जिया मैं  करूँगी  1.बेसब्र सी निगाहों  को करार आ गया है तुम मिले आरजू में शबाव आ गया है  वफा तेरे  वादों  में अदा मै करूँगी  तेरी मोहब्बत........ 2.तुझसे है ज़िन्दगी ,तुझसे है आशिकी   जीवन में तुझसे ही है ये मौशिकी  हर घड़ी इबादत मेँ सज़दा करूँगी . तेरी मोहब्बत  .. 3.इश्क यूँही  पलता रहे धड़कन  में  तेरी,  खवाहिश  बन  ज़ाऊं मैं ,तेरी  मज़बूरी  हरेक  सांस  तुझपे कुर्वां मैं करूँगी  तेरी  मोहब्बत की  दुआ ................ -अंशु  चौहान