संदेश

'दुविधा' .

चित्र
बड़ी  दुविधा सी रहती है हर वक्त ,ये निर्णय नहीं ले पाती कि सांसारिक जीवन  की  सफलता को  उद्देश्य  रखूँ  या आध्यत्मिक .सुनती और पढ़ती तो  यही  आई  हूँ  अक्सर  कि  मनुष्य जन्म बड़ी  मुश्किल  से  मिलता  है,इसे ईश्वर प्राप्ति में लगाना  चाहिए . किसी से मोह  नहीं रखना  चाहिए .लेकिन सांसारिकता के  लिए  मोह  मुझे  लगता है थोड़ा तो  ज़रूरी है .किसी  भी क्षेत्र में सफल होने के लिए उसके प्रति मोह की  ज़रूरत तो  रहेगी ही .मोह के  वशिभूत  होकर  ही हर  व्यक्ति  रिश्ते निभा रहा है .हर  कर्म कर  रहा है.जिस दिन निर्लिप्त भाव  से  कोई ये  कर्म और दायित्व निभाएगा उसी  दिन  से वह योगी और आध्यत्मिक कहलाएगा  .सफलता ,नाम,शोहरत  इन सब  चीजों के प्रति मोह ,ये ही तो सांसारिकता के लक्षण हैँ .इंसान जब  हर  तरह का  मोह ,इच्छाएँ त्याग  देता  है  तभी अध्यात्म से और  ईश्वर  स...

'हिन्दी एक समर्थ भाषा'

चित्र
हमारे  देशवासियों  की  एक  वृत्ति,बड़ी  ही विचित्र  है .यहाँ कोई  भी व्यक्ति  अपनी  कमज़ोर  हिन्दी  से परेशान  नहीं  होता है, वरन  अपनी  कमज़ोर  अंग्रेजी  से  परेशान  रहता  है .हिन्दी  का ज्ञान चाहे  कितना ही अधूरा और न्यूनतम  हो  परंतु  अंग्रेजी में पूर्णता और दक्षता ज़रूरी है .अपनी  ही भाषा  का  अपमान  करने  में ,उसकी  कम  जानकारी  रखने  में  कई  तो  अपनी  शान  समझते  हैं .मानो  इस  देश  के  वासी  ना  होकर  कहीं  अन्यत्र  से  आये  हों . मानती  हूँ  कि  हमने  अंग्रेजी  को  आज  इतना  उच्च  स्थान  प्रदान  कर दिया   है कि इसके  बिना किसी भी क्षेत्र  में  सफलता  अर्जित  कर पाना  आज  मुश्किल  सा  हो  गया  है लेकिन अपने...

शेर व कोट्स( swarachit) .

चित्र
   रूह तक बात को हर कोई लेने लगा है अब शायर हर कोई होने लगा है . -अंशु चौहान प्रेम जितना मर्यादित और शालीन होता  है,  उतना ही अधिक आकर्षक और श्रेष्ठ दिखता  है . -अंशु चौहान- कुछ लोग इस तरहा जिए कि खुद के लिए औरों को बलि चढ़ा गए,और कुछ इस तरहा जिए कि   के लिए,खुद की  साँसे  गवां  गए .-अंशु चौहान