"फौजी भाई"


अपने लिये तो सभी जीते हैं जो दूसरों  के  लिए ज़िये वही मनुष्य है.हमारे देश के सुरक्षा प्रहरी,हमारे शेर दिल फौजी भाई इस कसौटी पर खरे उतरते हैं. प्रणाम हैं इनके ज़ज्बे को,इनकी श्रेष्ठता को,इनके साहस और शौर्य को.


सामान्य उद्देश्य से जीने  के अवसर तो सभी को मिलते हैं मगर किसी विशिष्ट उद्देश्य (परमार्थ हेतु) हेतु मरने का अवसर यूँही नहीं मिलता.हमारे फौजी भाई चुनते हैं इस अवसर को और अजर-अमर हो जाते  हैं .तभी तो  इनकी  तुलना  संतों  से की  जाती  है.इन्हे  त्यागना  पड़ता  है हर चीज का मोह,जीना  होता है सिर्फ देश के लिये .देश ही इनके लिये भगवान  होता है और सारे कर्तव्य और कर्म  भी इसके लिये.इसलिए ये ही सच्चे हीरो हैं।ये ही विशिष्ट सम्मान के अधिकारी हैं।ये ही प्रशंसा के पात्र हैं।ये ही देश के अमूल्य रत्न हैं।अपनी जान बचाकर जीना तो कायरो का काम है.दूसरों  की जान  बचाकर जो शहीद हो जाये वही सच्चा इंसान है, सेना का जवान है .हम अपने घर मे आराम से  जो खा पी रहे हैं उसके पीछे इनके कितने ही भूखे पेट बीते दिन हैं.हम जो चैन से घरो में सोते हैं उनके पीछे इनकी गवाई हुई कितनी ही अमन-चैन की राते हैं।

कौन करता है इतना ? अपने रिश्ते भी नहीं लेकिन ये करते हैं सब कुछ त्याग.अपनी नींद,चैन.भूख प्यास देशवासियों के लिए.इसलिए दिल से सम्मान करिये इनका .ये है तो हमारी सुरक्षा है.जय हिन्द.



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