पति-पत्नी का रिश्ता
भारतीय संस्कृति का सम्मान करने वाले तो इसे मानते भी हैं लेकिन आजकल पाश्चत्य सभ्यता से प्रभावित लोग इस रिश्ते की अहमियत भूल गए हैं, इसलिए छोटी-छोटी बातों में तलाक जैसी स्थिति आ जाती है दोनो ही पक्ष अगर प्यार और सम्मान की भावना रखते हुए रिश्ता निभाए तो इस रिश्ते की ऐसी दुर्दशा ना हो.आख़िर अन्य toxic रिश्ते भी तो हम निभाते ही हैं .पति-पत्नी के रिश्ते में तलाक का विकल्प होता है, इसलिए हम इस में सहनशीलता नहीं दिखाते। बस बात-बात में तलाक का विकल्प तलाशने लगते हैं.इसलीये अन्य रिश्तों की तरह इसे भी सही से निभाएं विकल्प ना ढूंढे।पति या पत्नी व्याभिचारी हो तो त्याग देना चाहिए. अन्य किसी आधार पर ये रिश्ता ना तोड़े जाएं।

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