योगी








धर्म हित एक 'योगी' स्व-अवस्था बदल सकता है

अस्त-व्यस्त हो जो,व्यवस्था बदल सकता है 

प्रचारित हो ग़लत,वो असत्य बदल सकता है

मौन हो जहां धर्म,आक्रोश उगल सकता है  

कौन कहता है योगी का कर्म सिर्फ 'योग' है                     

परमार्थ हित एक योगी,सत्ता बदल सकता है.  

-अंशु चौहान 

      

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