'हाय -हाय छोड़ो '

 










हे सभी धार्मिक मनुष्यों !अगर आप अपनी भारतीय संस्कृति में विश्वास करते हो तो अब आप  अंग्रेजी  के 'हाय' शब्द  की जगह नमस्ते, जय श्री कृष्ण ,जय श्री राधे ,जय श्री राम  सम्बोधन का उपयोग करेंगे.वास्तव में कारण  ये  हैं कि  अंग्रेजी  का 'हाय' हिन्दी के 'हाय ' से पूर्णतया भिन्न है.मुझे मालूम है कि 'hi'  की फुल form  के हिसाब से ये शब्द ग़लत नहीं है इसका simple सा अर्थ है 'हाउ आर यू '= 'आप कैसे हैं'.लेकिन हिन्दी का 'हाय'  बहुत ही ग़लत या नेगेटिव शब्द है ज़िसका मतलब 'बद्दुआ' से होता है तो सुबह शाम इस तरह के नकारात्मक शब्द को अपनी ज़ुबान पर लाने से बचें.नमस्ते ,प्रणाम ,जय श्री कृष्णा,जय श्री राधे,जय श्री राम,आदि सम्बोधनों  को अपनायें.इसे पुराने, रूढ़ीवादी ,दकियानूसी विचारों का नाम देकर ये मत भूल जाना कि जीभा पर बार-बार आने वाला ग़लत शब्द कभी ना कभी ग़लत प्रभाव दिखा ही देता है.इसलिए जीभा पर अच्छे शब्द लायें व उन्ही का नित्य प्रयोग करें.एक तरफ जहां विदेशी लोग नमस्ते ,प्रणाम आदि शब्दों को अपनाने में गर्व का अनुभव कर रहे हैं वहीं हम अपने इन शुभ ,पवित्र शब्दों को भूलने में अपनी शान समझ रहे हैं. 

note-याद रहे हर अच्छी बात शुरू में   कड़बी तो लगती है मगर करेले  की तरह बाद में गुनकारी (मीठी) ही निकलती हैं.
सभी के हित में है इसलिए लिख रही हूँ.आगे आपकी मर्ज़ी,आपकी ज़िद और  आपकी समझ.मेरा तो ये मानना है कि जब  बुरे वक्त से सामना होता है तो modernity तेल लेने चली जाती है..😊😊जय श्री राधे कृष्णा 🙏                                                                                                                       
  

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