राम और कृष्ण को सही से जाने
भगवान राम और कृष्ण जी के (मनुष्य रूप में) जीवन के विभिन्न दुख भरे प्रसंगों को जो उनके कर्म फल से जोड़ कर देखते हैं वो भूल रहे हैं कि प्रभु राम और कृष्ण सामान्य इंसान नहीं भगवान हैं और कर्म फल भोगना तो सामान्य इंसान की नियति है.तो भगवान राम और कृष्ण जी के बारे में सही जानकारी प्राप्त करने के लिए रामचरितमानस और श्रीमद्भगवत् गीता को ज़रूर पढ़ना चाहिए,अन्यथा उनके ये विचार प्रभु के प्रति अपराध की श्रेणी में रखे जाएंगे. वास्त्विकता ये है कि सांसारिक मनुष्यों को सही कर्म सम्बन्धी सही दिशा निर्देशन देने हेतु,भगवान विभिन्न लीलाओं के माध्यम से उन्हे शिक्षित करने की कोशिश करते हैँ. कर्म फल भोगना तो इंसान का काम होता है.
कृष्ण तो परम शक्ति हैं, कृष्ण तो जगन्नाथ अर्थात सम्पूर्ण जगत के नाथ हैं.सृष्टि संचालक हैं ,और सृष्टि संचालक के लिए भी अगर कोई कर्म फल भोगने जैसे भाव रखकर देखता है तो अल्पज्ञानी है वह व्यक्ति.
कृष्ण और राम तो सृष्टि के पालन करता भगवान विष्णु के ही अवतार हैं। व स्वं सृष्टि के पालन करता हैँ.
जय श्री राधे कृष्णा 🙏

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