'एक स्त्री  को खूँखार जानवर से इतना डर नहीं होता  जितना कि कुत्सित मानसिकता वाले ,मर्यादा हीन पुरुष से होता है, क्योंकि जानवर से तो सिर्फ़ शरीर को आघात पहुँचता है जबकि इस तरह के इंसान आत्मा व मन तक  को  ज़ख्मी  कर देते हैं।  '

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