'देश की अखण्डता' (मेरे विचार )




हमें भारतीय  होने  पर  गर्व  है .मेरा  भारत  महान है .

हम अपने  देश  के लिए जान दे देंगे ,भारत  हमारी  आन-बान, शान है आदि ये  सब बातें बोलते तो लगभग हम 

सभी  हैँ, 

मगर  कोई  मुझे  ये बताए  कि  'भारत'है क्या ? क्या  ये  किसी  ज़मीन के  हिस्से  का  नाम  है ?क्या  किसी  व्यक्ति  

विशेष  का  नाम  है ? नहीं  ना ...?

हम सभी लोग, चाहे हिन्दू ,मुस्लिम ,सिख ,ईसाई किसी भी धर्म से  हों ,किसी  भी  राज्य  से  हों ,हम सभी जब  

एकसाथ हैँ तभी  बनता  है   'भारत' .'भारत'अपने आप में अलग  से  कुछ  नहीं  है .

जब  हम  कहते  हैँ  कि  हमारा  देश,  तो  इसका  मतलब  होता  है इस  देश  में  रहने  वाले  सभी  लोग ,चाहे  वो  

किसी  भी  जाति ,धर्म  या  संप्रदाय  के  हों सभी  से  प्यार ,स्नेह ,एकजुटता  और  समभाव  रखने  की  बात . इन  

सभी  लोगों  के लिए  त्याग ,समर्पण  और  अपनत्व  की  बात .क्योंकि  हम  सभी  लोगों  का  समूह ही  तो  भारत है .
यहाँ के गाँव ,ज़िले और राज्य  के समस्त  लोग  ही तो हम  सामूहिक  रूप  से  भारत  देश  कहलाते हैँ .

हम  सभी  एक  परिवार  के  सदस्य  जैसे  हैँ ,भले  ही सबके  स्वभाव ,रूप ,रंग  अलग  हों .अगर  हम  परस्पर  

असहनशील होकर  एक  दूसरे  को  चोट  पहुँचा  रहे  हैँ ,सार्वजनिक सम्पत्ति  को  नुक़सान  पहुँचा  रहे  हैँ तो इस  

तरह हम  अपने  अस्तित्व ,अपनी  पहचान ,अपने  घर  को  ही  खतरे  में  डाल रहे  हैँ .

जब  हम  साथ  में  मिलकर  नहीं  रहेंगे ,  तो  हम  कैसे  भारतीय ?अलग -अलग  बिखरा  कोई  समूह  'भारत' नहीं  है.
जब  हम  सबको  साथ  लेकर  चलते  हैँ ,सबके  हित  की  सोचते  हैँ तब  जो  सोच  तैयार  होती  है  वह  'भारतीयता'.
जब  हम  खुद  को  गुजराती ,मराठी ,पंजाबी ,बिहारी आदि  ना  सोचकर सार्वजनिक रूप  से  सिर्फ और  सिर्फ  

भारतीय  सोचते  हैँ  तब  विकास  होता  हैँ  'भारतीयता'  का .तब  कहना  होता  है  हमें  कि  हम  भारतीय  हैं और 

हमें  भारतीय होने पर गर्व  है .

एक दूसरे  के  रक्त पीपासू  होकर ,एक  दूसरे से जाति -धर्म  के  आधार  पर  नफरत  कर ,यहाँ की बहन , माँ ,

बेटियों व बहुओं  के  प्रति निकृष्ट सोच  रखकर ,उन्हे ज़िन्दा  जलाने जैसे घृणित कृत्य करने  वाले ,कैसे  भारतीय  

हो  सकते  हैँ ?वो तो देश  द्रोही  हैँ .उन्हे  स्वं  को  भारतीय  कहने का  हक  नहीं  मिलना  चाहिए .जो भारतीय  

संस्कृति ,संस्कार  और  इसकी  गरिमा  की  रक्षा  नहीं  करते  उन्हे  बहिष्कृत  किया जाना  चाहिए .

जय हिन्द 🙏

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