इंसान के पास दो तरह की शक्ति होती है- सकारात्मक और नकारात्मक ।ये व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है कि वो किस शक्ति से प्रभावित होता है । एक इंसान को सृजन पसंद होता है और एक को विध्वंश ,एक भाव दुनिया को सुन्दर और सुकून भरा बना सकता है और दूसरा विकृत और भयावह । जो लोग सृजनात्मक व सर्वहित की सोच वाली राह चुनते हैं वो वास्तव में आदरणीय व महान होते हैं । ऐसे ही एक उच्च आदर्श वाले शख़्स हुए हैं जम्मू-कश्मीर के उधमसिंह नगर के नाबील अहमद वानी ,जो कि बी एस एफ में डी एस पी हैं । आर्थिक स्थिति ठीक न होते हुए भी इन्होंने ग़लत राह नहीं चुनी वरन उसी अभाव को संबल बनाकर अपना ,अपने परिवार का व देश का नाम रोशन किया है । इन्होंने २०१३ में बॉर्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स के असिस्टेंट कमांडेंट (वर्क्स )एग्जाम में ऑल इंडिया फर्स्ट रैंक हासिल की है । आज देश को ऐसे ही युवाओं की ज़रूरत है । हमे ऐसे लोगो का ही अनुसरण करना चाहिए जो अभाव में भी किसी गलत राह को नहीं चुनते बल्कि अपनी मेहनत व लगन से अपनी तक़दीर बदलते हैं और देश की उन्नति,विकास और सुरक्षा में अपनी भागेदारी निभाते हैं ।
मनुष्य हो तो मनुष्य बन रहो
मृत्यु के भय से अगर सही को सही और गलत को गलत ना कह सको,तो सन्देह करो अपने मनुष्य होने पर . शक्तिशाली हो कर अगर किसी निर्बल की शक्ति न बन सको,तो संदेह करो अपने शक्तिशाली होने पर. संपन्न हो कर अगर मदद ना कर सको किसी निर्धन की,तो सन्देह करो अपनी सम्पन्नता पर . पुरुष हो कर अगर किसी नारी के सम्मान की रक्षा न कर सको,तो संदेह करो अपने पौरुष पर। धार्मिक हो कर भी अगर धर्म की रक्षा न कर सको, तो धिक्कार तुम्हारे धार्मिक होने पर. मनुष्य हो तो मनुष्य बन रहो इस धरा पर, सिर्फ देह मनुष्य की होना ही मनुष्यता नहीं, समझो इस ध्येय को तो इंसान हो तुम ना समझो तो चारा चर रहो कही। -
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
allowed