म्याऊँ -म्याँऊ







हिन्दू धर्म में बिल्ली को शुभ नहीं माना जाता है,इसके पीछे कोई तार्किक कारण शायद ही हो लेकिन अंध विश्वास निश्चित ही है। कितना अज़ीब है कि ईश्वर के बनाए हुए मासूम भोले जीवों को  भी शुभता और अशुभता से जोड़ दिया गया है। एक तरफ तो कहा जाता है कि प्रभु के बनाए हुए हर जीव में खुद प्रभु का वास होता है फिर ये भोले जीव कैसे अशुभ हो सकते हैं। मगर न चाहते हुए भी मन आशंकित हो जाता है जब इस तरह की मान्यताओं के वर्णन का दावा नारद पुराण अदि में होना बताया जाता है।

नारद पुराण के अनुसार  यदि बिल्ली घर में बार -बार आने लगी है तो इसे अच्छा नहीं माना जाता है. कहा जाता है की ये पॉज़िटिव एनर्जी का नाश करती है और बीमारियाँ और अशुभता लाती है। दूसरी तरफ ये भी मान्यता है कि दीपावली के दिन अगर घर में बिल्ली आ जाए तो साक्षात् लक्ष्मी का घर में आगमन होता है। 
ये कैसा विरोधाभास है अगर कोई चीज़ बाक़ी दिन में  अशुभ है तो एक विशेष दिन में शुभ कैसे  हो सकती है.आपकी स्वार्थी वृत्ति देखिए जिस दिन उससे आपका मतलब सिद्ध हुआ अर्थात जिस दिन वो धन देने वाली बनकर आई तो तुमने उसे ख़ूब बुला-बुलाकर दूध पिलाया और अगले ही दिन डंडा लेकर उसे भगाने पर उतारू हो गए। है ना विचित्र बात?

अंध विश्वास के अनुसार बिल्ली का रास्ता काटना अशुभ होता है।इसमें भी यदि बाईं तरफ से रास्ता काटते हुए दाईं तरफ़ जाए तो अशुभ होता है अन्यथा अशुभ नहीं होता है। इसके पीछे धारणा  है की बिल्ली अपने पीछे नेगेटिव ऐनर्जी छोड़ जाती है। बिल्ली अगर घर में आकर रोने लगे तो कुछ गलत घटित होने की आशंका रहती है क्योंकि इसकी आवाज़ डरावनी और भय पैदा करने वाली लगती है।   


बिल्ली घर में झगड़ा करे तो क्लेश की संभावना रहती है। बिल्ली पैर  चाट ले तो बीमार होने की संभावना होती है। बिल्ली ऊपर से कूद कर चली जाए तो तकलीफ हो सकती है। ऐसे कई अन्धविश्वास हैं। 


इसके विपरीत कई ऐसे जगहें व वज़हें हैं जो बिल्ली को शुभ सिद्ध करती है। हिन्दू धर्म में जहाँ बिल्ली  को अशुभता और तंत्र -मन्त्र से जोड़ कर देखा जाता है वहीं चीन और जापान में इसे बहुत शुभ और धन -समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। फेंगशुई में हाथ हिलाती हुई बिल्ली का प्रतीक चिन्ह है -'मानकी निको ' इसे 'लकी कैट' या मनी कैट भी कहा जाता है। 


लाल क़िताब के अनुसार यदि राहु की दशा से बचना है तो बिल्ली पाल कर उसकी सेवा की जानी चाहिए।बिल्ली को राहु की सवारी कहा गया है। बिल्ली आपके घर में खाने की चीज़ को देख कर मियाऊँ की आवाज करे तो शुभ होता है। 

विज्ञान के अनुसार बिल्ली पालने के कई फायदे हैं.4435 ऐसे मामले पाए गए हैं जिनके अनुसार बिल्ली को पालने से हार्ट -अटैक का खतरा एक तिहाई कम हुआ है। शोध कर्ताओं के अनुसार बिल्ली पालने से तनाव कम होता है। 90 प्रतिशत महिलाओं ने माना है कि बिल्ली पालने वाले मर्द कहीं बेहतर इंसान होते हैं। 

स्विस रिपोर्ट के अनुसार बिल्लियाँ इंसानों जितनी ही भावुक होती हैं। इनमे अन्य जानवरों से कहीं अधिक सिक्स्थ-सेन्स होता है। ये प्रदूषण कम फैलाती हैं। आप अगर तनाव में हैं तो ये आपका साथ ज़रूर निभाएँगी। बिल्लियों के साथ खेलने से हाई -ब्लड प्रेशर कम होता है। प्रदूषण कम फैलाती हैं इसलिए बच्चों को इनसे ऐलर्जी नहीं होती। बज़ट नहीं बिगाड़ती हैं। हड्डियाँ मज़बूत करती हैं। 

साईंटिफिक भाषा में कहें  तो बिल्लियों का शरीर 20 से 140 हर्ट्ज़ की रफ़्तार से वाइब्रेट करता है इससे तमाम बीमारियाँ दूर भागती हैं। इंसान के शरीर के लिए 25 -50 और 100 से 200 हर्ट्ज़ के बीच का प्यूरिंग साउंड हड्डियों के लिए सबसे अच्छा होता है इससे इंफेक्शन जैसी समस्या नहीं होती हैं। 


अब आप सुनिश्चित कीजिए की बिल्लियाँ शुभ होती हैं या अशुभ। विज्ञान और धर्म दोनों ही के अनुसार बहुमत तो पक्ष में ही जाता है। 

-अंशु चौहान

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