माँ तू दु आ सी लगती है
माँ! तू बीमारी में दवा लगती हैमुश्किल में दुआ लगती है
दिल को कोई गम नहीं छूता
जब तू करीब हुआ करती है
सिर पर तेरा हाथ
रब का सा सुकूं देता है
उस वक्त बहुत डरती हूँ
जब तू दूर हुआ करती है
तेरे आंचल की छाया में
दर्द पिघल सा जाता है
शक्ति सी हो जाती हूँ
जब तू सिर को छुआ करती है ।
रचनाकार -अंशु चौहान
तस्वीरसाभार -गूगल
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