कभी -कभी








याद तो अब भी आते हो लेकिन पहले से बहुत कम कभी -कभी


नींदे तो अब भी उड़ाते हो लेकिन पहले से बहुत कम कभी -कभी


चाहत तो अब भी निभाते हो लेकिन पहले से बहुत कम कभी -कभी


वो शोर ,वो बग़ावत तो अब भी है लेकिन पहले से बहुत कम कभी -कभी


मिलने के बहाने तो अब भी बनाते हो लेकिन पहले से बहुत कम कभी -कभी


आँखों में नमी, वो सिसकियाँ तो अब भी हैं लेकिन पहले से बहुत कम कभी -कभी


सबके ताने तो अब भी सताते हैं लेकिन पहले से बहुत कम कभी -कभी


रूठ जाऊँ तो मनाने अब भी आते हो लेकिन पहले से बहुत कम -कभी -कभी


शिक़वे तो अब भी हैं लब पे लेकिन पहले से बहुत कम कभी -कभी


उम्मीद मिलने की अब भी है लेकिन पहले से बहुत कम कभी -कभी


मैं भी उलझती हूँ इन बातों में लेकिन पहले से बहुत कम कभी -कभी











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