बेशक़ीमती  हैं वो  रिश्ते जो ज़ज्बातों  की क़दर करते हैं
वरना तो अब अपने भी हर मोड़ पर ग़ैरों की तरहा मिलते हैं । 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मनुष्य हो तो मनुष्य बन रहो

भीतर की सुन्दर दुनिया में रहें'