जाते हुए लम्हे


रोक लो कोई उन बर्बादियों को
नेस्त -नाबूद होती उन आबादियों को
समय के गर्त में खो जाऐंगे सुखद लम्हें
जी लो बेपरवाह उन आज़ादियों को ।



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