हम बहुत ऊँचे इरादों की दुकान रखते हैं ,महँगाई  बहुत है इसलिए कम सामान रखते हैं
उसूलों के पक्के हैं क्वालिटी पे चलते हैं ,क्वांटिटी के नाम पर समझौता नहीं करते हैं
पैर जमीं पे हैं ,भरोसा आसमान पे रखते हैं
छोटा ही सही लेकिन बेहतर मकान रखते हैं ।


-अंशु चौहान



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