वो दुश्मन है मेरा या दोस्त समझूँ उसको ,हर महफ़िल में मेरा ही ज़िक्र किया करता है
होंगी बहुत रंजिशें मुझसे उसकी लेकिन ,मेरे ही चर्चे पहले बेफ़िक्र किया करता है ।
होंगी बहुत रंजिशें मुझसे उसकी लेकिन ,मेरे ही चर्चे पहले बेफ़िक्र किया करता है ।
मेरे इस इंद्रधुनषी रंगों वाले ब्लॉग में किसी 'विषय' विशेष को लेकर रचनाएँ नहीं लिखी गई हैं ,बल्कि मनुष्य के मन में उठने वाले हर भावों और समाज से जुड़ी हर घटनाओं ,हर समस्याओं ,उससे जुड़े खट्टे -मीठे अनुभवों को लेकर ही समस्त रचनायें की गई हैं.जीवन के हर रंग,हर पहलू को अनुभव करने के लिए मेरे ब्लॉग से जुड़े रहें |
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