संगत  का असर देखिए क्या -क्या   कर डालता है । बेचारी एक' कोयल हमारी बस्ती के पार्क में रोज अपना मधुर गीत सुनाने आती थी । हम सभी उसकी मधुर आवाज से मोहित होते रहते थे । एक दिन कोयल ने ज्यों ही अपना रियाज  शुरू किया तभी उसे पास के ही किसी कुत्ते की भोंकने की आवाज सुनाई दी ,अब कोयल रानी उस आवाज से विचलित हो गईं । कोयल के रियाज पर उस आवाज का ऐसा असर हुआ की वह उसी आवाज में बोलने लगी अर्थात वह भोंकने लगी । वह बार -बार कू -कू की आवाज निकालना चाहती  थी परन्तु उस आवाज से प्रभावित होकर उसने भोंकना ही शुरू कर दिया था।  मै १ ० मिनिट तक उन दोनों का ये गायन सुनती रही आज मुझे पता चला कि कोयल रानी के रियाज से नाखुश होकर उसके संगीत शिक्षक ने उसे भोकना बंद करने तक कक्षा में न आने की हिदायत  दी है । बेचारी कोयल  ३ दिन दिनों से इधर दिखाई नहीं दी है । गंभीर मत होइए वो फिर आयेगी ,ये बात अलग है कि अब वह गाएगी नहीं भोंकेगी ..ये मेरा हास्यास्पद अनुभव है ...........

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