तुम सितम पे सितम यूंही करते रहो , मुस्कुरा के हम ख़ुदा को बताते रहेंगे
जिस दिन उसकी अदालत में सुनवाई होगी
सज़ा क़सम से तुमको दिलाकर   रहेंगे ।

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