तेरे जाने के बाद

एक तूफ़ान सा आ गया है तेरे जाने के बाद
कब होंठ हँसे हैं उसके, तेरे जाने के बाद ।
यूं तो सफ़र ज़िन्दगी का तय कर रही हैं, सांसे उसकी
कब मंज़िल मिली मगर उसको,  तेरे जाने के बाद ।
तुझसे ही आबाद था उम्मीदे जहाँ उसका
इस वीरानी को भर पायेगा कौन, तेरे जाने के बाद ।
दिल में अथाह दर्द ,खुद को नाहक हंसाने की कोशिश
कैसे संभाले है खुद को जाने तेरे जाने के बाद ।
ज़ख्म इतना गहरा ख़ुदा ने ,जो दे डाला उसको
वेदना सहती है कितनी तेरे जाने के बाद ।

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