लो आने वाली है गर्मी
लो आने वाली है गर्मी ।
सितम सर्दी के अब कम होंगे
लदे ये कपड़े अब कम होंगे
आइस- क्रीम ,कुल्फ़ी के ठेले
अब सड़कों पर हर दम होंगे ।
लेकिन गर्मी भी क्या सयानी
याद दिला देगी वो नानी
लू के थपेड़े ,धूल वो आँधी
दुपहरी पड़ जाएगी भारी
सड़कों पर सन्नाटा होगा
मुश्किल बाहर जाना होगा
होगी धूप ये क़ातिल तब तो
जो लगती थी बड़ी सुहानी
दुपहरी पड़ जाएगी भारी
सड़कों पर सन्नाटा होगा
मुश्किल बाहर जाना होगा
होगी धूप ये क़ातिल तब तो
जो लगती थी बड़ी सुहानी
रात बनेगी भीगी बिल्ली
दिन की ही होगी मनमानी ।
दिन की ही होगी मनमानी ।
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