'सेल 'बड़ी ही बुरी बीमारी
कुछ भी लेने की लाचारी
ना हो ज़रूरत तो भी रख लो
मनगड़ंत सपने तुम बुन लो
आज नहीं तो कल भा जायें
ये कपड़े इसको,उसको आ जायें
छोटू का ले लूँ ये पज़ामा
पहनेंगे टोपी ये नाना
अम्मा को ये शॉल दिला दूँ
श्रग पहनेंगी दीदी ये मानूँ ।
मुन्ना थोड़ा बड़ा हो जायें
ये स्वेटर उसको आ जाये
कुछ अपने लिए भी ले लूँ
कब आए जाने ये ऑफर
बैग ये सारे पूरे भर लूँ
हो गई पूरी शॉपिंग सारी
पड़ गई मुझ पर 'सेल 'ये भारी।।
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