स्वरचित शेर(बदले लिबास...)




"बदले लिबास
 में आज पुराने चेहरे नज़र आए
सीख तहज़ीब  की देने वाले बेतहज़ीब नज़र आए
क्या करें इन नक़ाबपोशों का
जिधर से गुज़रते हैं बेअदब गुज़रते हैं "। 

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